Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 12.308.32: हे राजन! आपको इस महान ज्ञान का उपदेश ऐसे व्यक्ति को नहीं देना चाहिए जो वेदों में श्रद्धा नहीं रखता। केवल वही व्यक्ति इस उपदेश को सुनने का अधिकारी है जिसमें ज्ञान की तीव्र प्यास हो और जो जिज्ञासु भाव से आपके पास आया हो। | mahabharat अध्याय 12.308: क्षर-अक्षर और परमात्म-तत्त्वका वर्णन, जीवके नानात्व और एकत्वका दृष्टान्त, उपदेशके अधिकारी और अनधिकारी तथा इस ज्ञानकी परम्पराको बताते हुए वसिष्ठ-करालजनक-संवादका उपसंहार । mahabharat पर्व 12: शान्ति पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
हे राजन! आपको इस महान ज्ञान का उपदेश ऐसे व्यक्ति को नहीं देना चाहिए जो वेदों में श्रद्धा नहीं रखता। केवल वही व्यक्ति इस उपदेश को सुनने का अधिकारी है जिसमें ज्ञान की तीव्र प्यास हो और जो जिज्ञासु भाव से आपके पास आया हो।
O King! You should not preach this great knowledge to a person who does not have faith in the Vedas. Only he who has a great thirst for knowledge and who has come to you with a spirit of enquiry is entitled to listen to this preaching. 32.
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥