श्री महाभारत  »  पर्व 12: शान्ति पर्व  »  अध्याय 305: क्षर-अक्षर एवं प्रकृति-पुरुषके विषयमें राजा जनककी शंका और उसका वसिष्ठजीद्वारा उत्तर  »  श्लोक 7
 
 
श्लोक  12.305.7 
प्रमाणं यत् स्ववेदोक्तं शास्त्रोक्तं यच्च पठॺते।
वेदशास्त्रद्वयं चैव प्रमाणं तत् सनातनम्॥ ७॥
 
 
अनुवाद
वेदों में जो प्रमाण दिया गया है और शास्त्रों में जो प्रमाण पढ़ा और सुना जाता है, वह सब सत्य है; क्योंकि वेद और शास्त्र दोनों ही सनातन प्रमाण हैं ॥7॥
 
The evidence given in the Vedas and the evidence stated in the scriptures which is read and heard, is all correct; because both the Vedas and the scriptures are eternal evidence. ॥ 7॥
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)