Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 12.305.20: तात! आपने मुझसे कहा है कि शरीर में त्वचा, मांस, रक्त, मेद, पित्त, मज्जा, नाड़ियाँ और इन्द्रियाँ (ये सब माता-पिता के सम्बन्ध से प्रकट हुई हैं)॥20॥ | mahabharat अध्याय 12.305: क्षर-अक्षर एवं प्रकृति-पुरुषके विषयमें राजा जनककी शंका और उसका वसिष्ठजीद्वारा उत्तर । mahabharat पर्व 12: शान्ति पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
तात! आपने मुझसे कहा है कि शरीर में त्वचा, मांस, रक्त, मेद, पित्त, मज्जा, नाड़ियाँ और इन्द्रियाँ (ये सब माता-पिता के सम्बन्ध से प्रकट हुई हैं)॥20॥
Tat! You have told me that the skin, flesh, blood, fat, bile, marrow, nerves and senses in the body (all of them have appeared from the relationship with the parents). 20॥
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥