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mahabharat 12.302.29: ये चौबीस तत्त्व समस्त प्राणियों के शरीर में विद्यमान हैं। बुद्धिमान ब्राह्मण इनके वास्तविक स्वरूप को जानकर कभी शोक नहीं करते। 29॥   |   mahabharat अध्याय 12.302: वसिष्ठ और करालजनकका संवाद—क्षर और अक्षरतत्त्वका निरूपण और इनके ज्ञानसे मुक्ति   ।   mahabharat पर्व 12: शान्ति पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
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श्लोक  12.302.29 
एषा तत्त्वचतुर्विंशा सर्वाकृतिषु वर्तते।
यां ज्ञात्वा नाभिशोचन्ति ब्राह्मणास्तत्त्वदर्शिन:॥ २९॥
 
 
अनुवाद
ये चौबीस तत्त्व समस्त प्राणियों के शरीर में विद्यमान हैं। बुद्धिमान ब्राह्मण इनके वास्तविक स्वरूप को जानकर कभी शोक नहीं करते। 29॥
 
These twenty-four elements are present in the bodies of all living beings. The wise Brahmins never mourn after knowing their true nature. 29॥
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)