Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 12.302.26: इसमें कोई संदेह नहीं कि ये दस एक साथ ही उत्पन्न होते हैं। राजेन्द्र! पाँचवीं भौतिक सृष्टि को समझो। जो सार्थक है, क्योंकि वह जीवों के लिए विशेष उपयोगी है। 26। | mahabharat अध्याय 12.302: वसिष्ठ और करालजनकका संवाद—क्षर और अक्षरतत्त्वका निरूपण और इनके ज्ञानसे मुक्ति । mahabharat पर्व 12: शान्ति पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
एवं युगपदुत्पन्नं दशवर्गमसंशयम्।
पञ्चमं विद्धि राजेन्द्र भौतिकं सर्गमर्थवत्॥ २६॥
अनुवाद
इसमें कोई संदेह नहीं कि ये दस एक साथ ही उत्पन्न होते हैं। राजेन्द्र! पाँचवीं भौतिक सृष्टि को समझो। जो सार्थक है, क्योंकि वह जीवों के लिए विशेष उपयोगी है। 26।
There is no doubt that these ten are created simultaneously. Rajendra! Understand the fifth physical creation. Which is meaningful because it is of special use to living beings. 26.
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥