Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 12.301.97: भारत! जब सांख्य योगी पाप-पुण्य से मुक्त होकर उसी निर्गुण और अपरिवर्तनशील भगवान नारायण में प्रवेश करता है, तब वह इस संसार में फिर कभी नहीं लौटता ॥97॥ | mahabharat अध्याय 12.301: सांख्ययोगके अनुसार साधन और उसके फलका वर्णन । mahabharat पर्व 12: शान्ति पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
विमुक्त: पुण्यपापेभ्य: प्रविष्टस्तमनामयम्।
परमात्मानमगुणं न निवर्तति भारत॥ ९७॥
अनुवाद
भारत! जब सांख्य योगी पाप-पुण्य से मुक्त होकर उसी निर्गुण और अपरिवर्तनशील भगवान नारायण में प्रवेश करता है, तब वह इस संसार में फिर कभी नहीं लौटता ॥97॥
Bharat! When a Sankhya Yogi, free from the sins and virtues, enters the same attributeless and unchangeable God, Narayana, he never returns to this world. ॥ 97॥
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥