Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7
mahabharat 12.301.46-48: वेदों की विविध विचित्र बातों पर ध्यान दो, ऋतुओं, दिन, पक्ष, मास और प्रतिक्षण बीतते हुए काल के परिवर्तन को देखो। चंद्रमा का उदय और अस्त होना स्पष्ट है। समुद्रों का ज्वार-भाटा भी स्पष्ट है। धनवानों के धन का नाश और नाश के बाद उसकी वृद्धि भी स्पष्ट है। इन सबको देखकर अपने कर्तव्य का ह्रास करो। 46-48।   |   mahabharat अध्याय 12.301: सांख्ययोगके अनुसार साधन और उसके फलका वर्णन   ।   mahabharat पर्व 12: शान्ति पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्री महाभारत  »  पर्व 12: शान्ति पर्व  »  अध्याय 301: सांख्ययोगके अनुसार साधन और उसके फलका वर्णन  »  श्लोक 46-48
 
 
श्लोक  12.301.46-48 
वेदवादांस्तथा चित्रानृतूनां पर्ययांस्तथा।
क्षयं संवत्सराणां च मासानां च क्षयं तथा॥ ४६॥
पक्षक्षयं तथा दृष्ट्वा दिवसानां च संक्षयम्।
क्षयं वृद्धिं च चन्द्रस्य दृष्ट्वा प्रत्यक्षतस्तथा॥ ४७॥
वृद्धिं दृष्ट्वा समुद्राणां क्षयं तेषां तथा पुन:।
क्षयं धनानां दृष्ट्वा च पुनर्वृद्धिं तथैव च॥ ४८॥
 
 
अनुवाद
वेदों की विविध विचित्र बातों पर ध्यान दो, ऋतुओं, दिन, पक्ष, मास और प्रतिक्षण बीतते हुए काल के परिवर्तन को देखो। चंद्रमा का उदय और अस्त होना स्पष्ट है। समुद्रों का ज्वार-भाटा भी स्पष्ट है। धनवानों के धन का नाश और नाश के बाद उसकी वृद्धि भी स्पष्ट है। इन सबको देखकर अपने कर्तव्य का ह्रास करो। 46-48।
 
Pay attention to the various strange sayings of the Vedas, the changes in the seasons, the days, fortnights, months and the time period passing every moment. The rise and fall of the moon is evident. The tides of the oceans are also evident. The destruction of the wealth of the rich and its increase after destruction is also visible. Decrease of your duty after looking at all these. 46-48.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)