Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 12.301.42: हे भारतपुत्र! घर में रहना भी एक प्रकार का दुःख है, इस बात को अच्छी तरह समझ लो और पापियों तथा ब्रह्महत्यारों की भयंकर दुर्दशा को भी जान लो॥42॥ | mahabharat अध्याय 12.301: सांख्ययोगके अनुसार साधन और उसके फलका वर्णन । mahabharat पर्व 12: शान्ति पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
हे भारतपुत्र! घर में रहना भी एक प्रकार का दुःख है, इस बात को अच्छी तरह समझ लो और पापियों तथा ब्रह्महत्यारों की भयंकर दुर्दशा को भी जान लो॥42॥
O son of Bharat! Living in houses is also a form of sorrow, understand this fact well and also know the terrible plight of the sinful and the killers of Brahma. ॥ 42॥
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥