Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 12.301.35-36h: हे भारतश्रेष्ठ! हमें तामस, राजस और सात्विक इन तीन प्रकार के प्राणियों के मोक्ष-विरोधी आचरण को भी जानना चाहिए, जिनकी निन्दा बुद्धिमान महात्माओं ने की है। | mahabharat अध्याय 12.301: सांख्ययोगके अनुसार साधन और उसके फलका वर्णन । mahabharat पर्व 12: शान्ति पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
तामसानां च जन्तूनां रमणीयावृतात्मनाम्।
सात्त्विकानां च जन्तूनां कुत्सितं भरतर्षभ॥ ३५॥
गर्हितं महतामर्थे सांख्यानां विदितात्मनाम्।
अनुवाद
हे भारतश्रेष्ठ! हमें तामस, राजस और सात्विक इन तीन प्रकार के प्राणियों के मोक्ष-विरोधी आचरण को भी जानना चाहिए, जिनकी निन्दा बुद्धिमान महात्माओं ने की है।
Bharatshrestha! We should also know about the anti-salvation behavior of these three types of beings – Tamas, Rajas and Satvik – which are condemned by the wise Mahatmas.
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥