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mahabharat 12.301.3: भीष्म बोले, "युधिष्ठिर! आत्मा के तत्त्व को जानने वाले सांख्यशास्त्र के विद्वानों के इस सूक्ष्म ज्ञान को मुझसे सुनो। इसे ईश्वरकोटिक कपिल आदि सभी ऋषियों ने प्रकट किया है॥3॥   |   mahabharat अध्याय 12.301: सांख्ययोगके अनुसार साधन और उसके फलका वर्णन   ।   mahabharat पर्व 12: शान्ति पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्री महाभारत  »  पर्व 12: शान्ति पर्व  »  अध्याय 301: सांख्ययोगके अनुसार साधन और उसके फलका वर्णन  »  श्लोक 3
 
 
श्लोक  12.301.3 
भीष्म उवाच
शृणु मे त्वमिदं सूक्ष्मं सांख्यानां विदितात्मनाम्।
विहितं यतिभि: सर्वै: कपिलादिभिरीश्वरै:॥ ३॥
 
 
अनुवाद
भीष्म बोले, "युधिष्ठिर! आत्मा के तत्त्व को जानने वाले सांख्यशास्त्र के विद्वानों के इस सूक्ष्म ज्ञान को मुझसे सुनो। इसे ईश्वरकोटिक कपिल आदि सभी ऋषियों ने प्रकट किया है॥3॥
 
Bhishma said, "Yudhishthira! Listen to me about this subtle knowledge of the scholars of Sankhya Shastra who know the essence of the soul. This has been revealed by all the sages like Kapil of Ishwarkotik. ॥ 3॥
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)