Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 12.300.46: हे मनुष्यों के स्वामी! जो योगी जीवन भर निरन्तर मांसाहार नहीं करता तथा विधिपूर्वक उत्तम व्रतों का पालन करके अपने अन्तःकरण को शुद्ध करता है, वह भी योगशक्ति प्राप्त करता है ॥ 46॥ | mahabharat अध्याय 12.300: सांख्य और योगका अन्तर बतलाते हुए योगमार्गके स्वरूप साधन,फल और प्रभावका वर्णन । mahabharat पर्व 12: शान्ति पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
हे मनुष्यों के स्वामी! जो योगी जीवन भर निरन्तर मांसाहार नहीं करता तथा विधिपूर्वक उत्तम व्रतों का पालन करके अपने अन्तःकरण को शुद्ध करता है, वह भी योगशक्ति प्राप्त करता है ॥ 46॥
O lord of men! A yogi who does not eat meat continuously throughout his life and purifies his conscience by observing the best fasts as per the prescribed method, also attains yogic power. ॥ 46॥
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥