श्री महाभारत  »  पर्व 12: शान्ति पर्व  »  अध्याय 300: सांख्य और योगका अन्तर बतलाते हुए योगमार्गके स्वरूप साधन,फल और प्रभावका वर्णन  »  श्लोक 25
 
 
श्लोक  12.300.25 
न यमो नान्तक: क्रुद्धो न मृत्युर्भीमविक्रम:।
ईशते नृपते सर्वे योगस्यामिततेजस:॥ २५॥
 
 
अनुवाद
नरेश्वर! क्रोध में भरे हुए यमराज और भयंकर पराक्रम दिखाने वाला मृत्यु भी अमित तेजस्वी योगी पर शासन नहीं कर सकते॥25॥
 
Nareshwar! Even Yamraj, full of anger, and Death, who shows fierce bravery, cannot rule over Amit Tejaswi Yogi. 25॥
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)