Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 12.300.21: इसी प्रकार जब योगी की योगशक्ति बढ़ जाती है और वह तेजस्वी तेज से युक्त होकर अत्यंत शक्तिशाली हो जाता है, तब जैसे प्रलयकाल में सूर्य सम्पूर्ण जगत् को सुखा देता है, उसी प्रकार वह आसक्ति आदि समस्त बुराइयों का नाश कर देता है। | mahabharat अध्याय 12.300: सांख्य और योगका अन्तर बतलाते हुए योगमार्गके स्वरूप साधन,फल और प्रभावका वर्णन । mahabharat पर्व 12: शान्ति पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
इसी प्रकार जब योगी की योगशक्ति बढ़ जाती है और वह तेजस्वी तेज से युक्त होकर अत्यंत शक्तिशाली हो जाता है, तब जैसे प्रलयकाल में सूर्य सम्पूर्ण जगत् को सुखा देता है, उसी प्रकार वह आसक्ति आदि समस्त बुराइयों का नाश कर देता है।
In the same way, when the yogi's yogic power increases and he becomes endowed with radiant radiance and becomes very powerful, then just as the sun dries up the entire world at the time of doomsday, in the same way he destroys all the evils like attachment etc.
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥