Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 12.300.11: भीष्म बोले - युधिष्ठिर! योगी केवल योगबल से ही मोह, मोह, काम, काम और क्रोध इन पाँचों दुर्गुणों को नष्ट करके परमपद को प्राप्त करता है॥11॥ | mahabharat अध्याय 12.300: सांख्य और योगका अन्तर बतलाते हुए योगमार्गके स्वरूप साधन,फल और प्रभावका वर्णन । mahabharat पर्व 12: शान्ति पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
भीष्म उवाच
रागं मोहं तथा स्नेहं कामं क्रोधं च केवलम्।
योगाच्छित्त्वा ततो दोषान् पञ्चैतान् प्राप्नुवन्ति तत्॥ ११॥
अनुवाद
भीष्म बोले - युधिष्ठिर! योगी केवल योगबल से ही मोह, मोह, काम, काम और क्रोध इन पाँचों दुर्गुणों को नष्ट करके परमपद को प्राप्त करता है॥11॥
Bhishma said - Yudhishthir! A Yogi by the power of yoga alone eradicates the five evils of attachment, infatuation, love, lust and anger and achieves the supreme state. ॥ 11॥
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥