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mahabharat 12.30.44: श्रीकृष्ण कहते हैं - हे पुरुषश्रेष्ठ! भगवान नारद ऋषि इन सब घटनाओं के प्रत्यक्षदर्शी हैं। यदि तुम पूछोगे तो वे तुम्हें ये सब बातें बता देंगे ॥ 44॥   |   mahabharat अध्याय 12.30: महर्षि नारद और पर्वतका उपाख्यान   ।   mahabharat पर्व 12: शान्ति पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
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श्लोक  12.30.44 
वासुदेव उवाच
प्रत्यक्षकर्ता सर्वस्य नारदो भगवानृषि:।
एष वक्ष्यति ते पृष्टो यथावृत्तं नरोत्तम॥ ४४॥
 
 
अनुवाद
श्रीकृष्ण कहते हैं - हे पुरुषश्रेष्ठ! भगवान नारद ऋषि इन सब घटनाओं के प्रत्यक्षदर्शी हैं। यदि तुम पूछोगे तो वे तुम्हें ये सब बातें बता देंगे ॥ 44॥
 
Shri Krishna says - O best of men! Lord Narad Rishi is an eyewitness to all these events. He will tell you all these things if you ask. ॥ 44॥
 
इति श्रीमहाभारते शान्तिपर्वणि राजधर्मानुशासनपर्वणि नारदपर्वतोपाख्याने त्रिंशोऽध्याय:॥ ३०॥
इस प्रकार श्रीमहाभारत शान्तिपर्वके अन्तर्गत राजधर्मानुशासनपर्वमें नारद और पर्वतका उपाख्यानविषयक तीसवाँ अध्याय पूरा हुआ॥ ३०॥

 
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)