जैसे कमल के पत्ते पर जल नहीं लग सकता, वैसे ही बुद्धिमान मनुष्य पाप से लिप्त नहीं हो सकता; किन्तु जैसे लाख लकड़ी पर चिपक जाता है, वैसे ही अज्ञानी मनुष्य पर पाप अधिक चिपकता है ॥7॥
Just as water cannot smear the lotus leaf, similarly a wise man cannot be tainted by sin; but just as lacquer sticks to wood, similarly sin sticks more to an ignorant man. ॥ 7॥
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥