श्री महाभारत  »  पर्व 12: शान्ति पर्व  »  अध्याय 298: पराशरगीताका उपसंहार—राजा जनकके विविध प्रश्नोंका उत्तर  »  श्लोक 1
 
 
श्लोक  12.298.1 
भीष्म उवाच
पुनरेव तु पप्रच्छ जनको मिथिलाधिप:।
पराशरं महात्मानं धर्मे परमनिश्चयम्॥ १॥
 
 
अनुवाद
भीष्म कहते हैं - युधिष्ठिर! तत्पश्चात् मिथिला के राजा जनक ने धर्म के विषय में परम श्रद्धा रखने वाले महर्षि पराशर से इस प्रकार पूछा ॥1॥
 
Bhishma says - Yudhishthira! Thereafter King Janaka of Mithila asked the great sage Parashar, who had the highest convictions regarding Dharma, in the following manner. ॥1॥
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)