Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 12.297.41: भीष्म कहते हैं - युधिष्ठिर ! प्राचीन काल में महर्षि पराशर ने विदेह के राजा जनक के कल्याण के लिए ये सब उपदेश दिए थे ॥ 41॥ | mahabharat अध्याय 12.297: पराशरगीता—नाना प्रकारके धर्म और कर्तव्योंका उपदेश । mahabharat पर्व 12: शान्ति पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
भीष्म कहते हैं - युधिष्ठिर ! प्राचीन काल में महर्षि पराशर ने विदेह के राजा जनक के कल्याण के लिए ये सब उपदेश दिए थे ॥ 41॥
Bhishma says - Yudhishthira! In ancient times the great sage Parashara had given all these advices for the welfare of King Janaka of Videhas. ॥ 41॥
इति श्रीमहाभारते शान्तिपर्वणि मोक्षधर्मपर्वणि पराशरगीतायां सप्तनवत्यधिकद्विशततमोऽध्याय:॥ २९७॥
इस प्रकार श्रीमहाभारत शान्तिपर्वके अन्तर्गत मोक्षधर्मपर्वमें पराशरगीताविषयक दो सौ सत्तानबेवाँ अध्याय पूरा हुआ॥ २९७॥
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥