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आयुषि क्षयमापन्ने पञ्चत्वमुपगच्छति।
तथा ह्यकारणाद् भवति कारणैरुपपादितम्॥ ११॥
अनुवाद
जब जीवन काल समाप्त हो जाता है, तब देहधारी आत्मा पंचतत्व को प्राप्त होती है। ऐसा अकारण होता है और कभी-कभी इसके अनेक कारण होते हैं।
When the life span ends, then the embodied soul attains the Panchatva. This happens without any reason and sometimes it is caused due to various reasons.
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥