vedamrit
Reset
Home
प्रमुख ग्रंथ
भगवद गीता
श्रीमद् रामायण
श्रीमद् भागवतम
श्री महाभारत
श्री रामचरितमानस
श्रीमद् विष्णु पुराण
श्रीचैतन्य भागवत
श्रीचैतन्य चरितामृत
भक्तिरसामृतसिन्धु
वैष्णव भजन, इस्कॉन आरती
Articles
Apps
About
श्री महाभारत
»
पर्व 12: शान्ति पर्व
»
अध्याय 295: पराशरगीता—विषयासक्त मनुष्यका पतन, तपोबलकी श्रेष्ठता तथा दृढ़तापूर्वक स्वधर्मपालनका आदेश
»
श्लोक 22
श्लोक
12.295.22
शयनानि च मुख्यानि भोज्यानि विविधानि च।
अभिप्रेतानि सर्वाणि भवन्ति शुभकर्मिणाम्॥ २२॥
अनुवाद
उत्तम शयन, नाना प्रकार के स्वादिष्ट भोजन और समस्त इच्छित वस्तुएँ केवल पुण्य कर्म करने वालों को ही प्राप्त होती हैं ॥22॥
The best bed, various kinds of delicious food, and all the desired objects are obtained only by those who perform pious deeds. ॥22॥
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥
© 2023 vedamrit.in - All Rights Reserved. Developed by ACd
Download SongBook App
Install
×