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mahabharat 12.294.16: तब देवताओं द्वारा प्रवर्धित एक ही शक्तिशाली बाण से भगवान शिव ने तीन नगरों सहित आकाश में विचरण करने वाले उन समस्त दैत्यों को मारकर पृथ्वी पर गिरा दिया॥16॥   |   mahabharat अध्याय 12.294: पराशरगीता—ब्राह्मण और शूद्रकी जीविका, निन्दनीय कर्मोंके त्यागकी आज्ञा, मनुष्योंमें आसुरभावकी उत्पत्ति और भगवान् शिवके द्वारा उसका निवारण तथा स्वधर्मके अनुसार कर्तव्यपालनका आदेश   ।   mahabharat पर्व 12: शान्ति पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्री महाभारत  »  पर्व 12: शान्ति पर्व  »  अध्याय 294: पराशरगीता—ब्राह्मण और शूद्रकी जीविका, निन्दनीय कर्मोंके त्यागकी आज्ञा, मनुष्योंमें आसुरभावकी उत्पत्ति और भगवान् शिवके द्वारा उसका निवारण तथा स्वधर्मके अनुसार कर्तव्यपालनका आदेश  »  श्लोक 16
 
 
श्लोक  12.294.16 
तेन स्म ते गगनगा: सपुरा: पातिता: क्षितौ।
त्रिधाप्येकेन बाणेन देवाप्यायिततेजसा॥ १६॥
 
 
अनुवाद
तब देवताओं द्वारा प्रवर्धित एक ही शक्तिशाली बाण से भगवान शिव ने तीन नगरों सहित आकाश में विचरण करने वाले उन समस्त दैत्यों को मारकर पृथ्वी पर गिरा दिया॥16॥
 
Then with a single powerful arrow enhanced by the gods, Lord Shiva killed all those demons roaming in the sky along with three cities and made them fall on the earth. 16॥
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)