Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 12.293.3: धर्म पर दृष्टि रखने वाले पुण्यात्मा पुरुषों की संगति करना सदैव अच्छा होता है; किन्तु मेरा दृढ़ विश्वास है कि दुष्ट पुरुषों की संगति किसी भी स्थिति में अच्छी नहीं होती। | mahabharat अध्याय 12.293: पराशरगीता—शूद्रके लिये सेवावृत्तिकी प्रधानता, सत्संगकी महिमा और चारों वर्णोंके धर्मपालनका महत्त्व । mahabharat पर्व 12: शान्ति पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
धर्म पर दृष्टि रखने वाले पुण्यात्मा पुरुषों की संगति करना सदैव अच्छा होता है; किन्तु मेरा दृढ़ विश्वास है कि दुष्ट पुरुषों की संगति किसी भी स्थिति में अच्छी नहीं होती।
It is always good to be in the company of virtuous men who have an eye on Dharma; but it is my firm belief that the company of wicked men is never good under any circumstances.
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥