Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 12.293.13: यदि धर्म का नाश न हो और उसका पालन किया जाए, तो समस्त प्रजा सुखी होती है। राजेन्द्र! प्रजा के सुखी होने पर स्वर्ग के देवता भी सुखी होते हैं। ॥13॥ | mahabharat अध्याय 12.293: पराशरगीता—शूद्रके लिये सेवावृत्तिकी प्रधानता, सत्संगकी महिमा और चारों वर्णोंके धर्मपालनका महत्त्व । mahabharat पर्व 12: शान्ति पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
यदि धर्म का नाश न हो और उसका पालन किया जाए, तो समस्त प्रजा सुखी होती है। राजेन्द्र! प्रजा के सुखी होने पर स्वर्ग के देवता भी सुखी होते हैं। ॥13॥
If Dharma is not destroyed and is followed, then all the people are happy. Rajendra! When the people are happy, even the gods in heaven are happy. ॥ 13॥
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥