Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 12.293.1: पराशर कहते हैं, "हे राजन! शूद्र के लिए तीनों वर्णों की सेवा करके जीविका कमाना सर्वोत्तम है। यदि वह प्रेमपूर्वक अपने लिए निर्धारित सेवा का पालन करता है, तो वह सदैव धर्मात्मा बनता है।" | mahabharat अध्याय 12.293: पराशरगीता—शूद्रके लिये सेवावृत्तिकी प्रधानता, सत्संगकी महिमा और चारों वर्णोंके धर्मपालनका महत्त्व । mahabharat पर्व 12: शान्ति पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
पराशर कहते हैं, "हे राजन! शूद्र के लिए तीनों वर्णों की सेवा करके जीविका कमाना सर्वोत्तम है। यदि वह प्रेमपूर्वक अपने लिए निर्धारित सेवा का पालन करता है, तो वह सदैव धर्मात्मा बनता है।"
Parashara says, "O King! It is best for a Shudra to earn his living by serving the three castes. If he lovingly follows the service prescribed for him, it always makes him righteous. 1.
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥