Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 12.29.91-92: प्रजानाथ ! सौ अश्वमेध और सौ राजसूय यज्ञ करके उन्होंने दस योजन लम्बे और एक योजन ऊँचे सोने के रोहित नामक बहुत से मत्स्य बनाकर ब्राह्मणों को दान कर दिए। ब्राह्मणों द्वारा ले जाने पर जो बच गए, उन्हें अन्य लोगों ने बाँट दिया॥91-92॥ | mahabharat अध्याय 12.29: श्रीकृष्णके द्वारा नारद-सृंजय-संवादके रूपमें सोलह राजाओंका उपाख्यान संक्षेपमें सुनाकर युधिष्ठिरके शोकनिवारणका प्रयत्न । mahabharat पर्व 12: शान्ति पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
प्रजानाथ ! सौ अश्वमेध और सौ राजसूय यज्ञ करके उन्होंने दस योजन लम्बे और एक योजन ऊँचे सोने के रोहित नामक बहुत से मत्स्य बनाकर ब्राह्मणों को दान कर दिए। ब्राह्मणों द्वारा ले जाने पर जो बच गए, उन्हें अन्य लोगों ने बाँट दिया॥91-92॥
‘Prajanaath! After performing hundred Ashvamedha and hundred Rajasuya sacrifices, he made many fish called Rohit of gold, ten yojanas long and one yojana high, and donated them to the Brahmins. Those which were left after the Brahmins took them away, were distributed by other people.॥91-92॥
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥