Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 12.29.79: राजा दिलीप के महल में वेदों के अध्ययन की गम्भीर ध्वनि, वीर योद्धाओं के धनुषों की टंकार और भिक्षा की पुकार- ये तीन प्रकार की ध्वनियाँ कभी नहीं रुकती थीं। | mahabharat अध्याय 12.29: श्रीकृष्णके द्वारा नारद-सृंजय-संवादके रूपमें सोलह राजाओंका उपाख्यान संक्षेपमें सुनाकर युधिष्ठिरके शोकनिवारणका प्रयत्न । mahabharat पर्व 12: शान्ति पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
राजा दिलीप के महल में वेदों के अध्ययन की गम्भीर ध्वनि, वीर योद्धाओं के धनुषों की टंकार और भिक्षा की पुकार- ये तीन प्रकार की ध्वनियाँ कभी नहीं रुकती थीं।
‘In the palace of King Dilip, the deep sound of the study of the Vedas, the twang of the bows of the valiant warriors and the call for alms-these three kinds of sounds never stopped.
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥