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mahabharat 12.29.71: सृंजय! मैंने सुना है कि महान राजा दिलीप का भी निधन हो गया। आज भी ब्राह्मण उनके महान कार्यों का वर्णन करते हैं।   |   mahabharat अध्याय 12.29: श्रीकृष्णके द्वारा नारद-सृंजय-संवादके रूपमें सोलह राजाओंका उपाख्यान संक्षेपमें सुनाकर युधिष्ठिरके शोकनिवारणका प्रयत्न   ।   mahabharat पर्व 12: शान्ति पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
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श्लोक  12.29.71 
दिलीपं च महात्मानं मृतं सृंजय शुश्रुम।
यस्य कर्माणि भूरीणि कथयन्ति द्विजातय:॥ ७१॥
 
 
अनुवाद
सृंजय! मैंने सुना है कि महान राजा दिलीप का भी निधन हो गया। आज भी ब्राह्मण उनके महान कार्यों का वर्णन करते हैं।
 
‘Srunjay! I have heard that the great king Dilip also died. Even today the Brahmins narrate his great deeds.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)