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mahabharat 12.29.67: प्रत्येक हाथी के पीछे एक हजार घोड़े थे, प्रत्येक घोड़े के पीछे एक हजार गायें थीं, और प्रत्येक गाय के पीछे एक हजार भेड़-बकरियाँ थीं ॥ 67॥   |   mahabharat अध्याय 12.29: श्रीकृष्णके द्वारा नारद-सृंजय-संवादके रूपमें सोलह राजाओंका उपाख्यान संक्षेपमें सुनाकर युधिष्ठिरके शोकनिवारणका प्रयत्न   ।   mahabharat पर्व 12: शान्ति पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्री महाभारत  »  पर्व 12: शान्ति पर्व  »  अध्याय 29: श्रीकृष्णके द्वारा नारद-सृंजय-संवादके रूपमें सोलह राजाओंका उपाख्यान संक्षेपमें सुनाकर युधिष्ठिरके शोकनिवारणका प्रयत्न  »  श्लोक 67
 
 
श्लोक  12.29.67 
सहस्रमश्वा एकैकं हस्तिनं पृष्ठतोऽन्वयु:।
गवां सहस्रमश्वेऽश्वे सहस्रं गव्यजाविकम्॥ ६७॥
 
 
अनुवाद
प्रत्येक हाथी के पीछे एक हजार घोड़े थे, प्रत्येक घोड़े के पीछे एक हजार गायें थीं, और प्रत्येक गाय के पीछे एक हजार भेड़-बकरियाँ थीं ॥ 67॥
 
‘Behind each elephant were a thousand horses, behind each horse were a thousand cows, and behind each cow were a thousand sheep and goats.॥ 67॥
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)