Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7
mahabharat 12.29.63-64: सृंजय! हमने सुना है कि राजा भगीरथ भी मृत्यु को प्राप्त हुए थे। जिनके विशाल यज्ञ में सोमपान के मद में चूर परमपिता देवराज इन्द्र ने अपने पराक्रम से हजारों असुरों को परास्त किया था।   |   mahabharat अध्याय 12.29: श्रीकृष्णके द्वारा नारद-सृंजय-संवादके रूपमें सोलह राजाओंका उपाख्यान संक्षेपमें सुनाकर युधिष्ठिरके शोकनिवारणका प्रयत्न   ।   mahabharat पर्व 12: शान्ति पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्री महाभारत  »  पर्व 12: शान्ति पर्व  »  अध्याय 29: श्रीकृष्णके द्वारा नारद-सृंजय-संवादके रूपमें सोलह राजाओंका उपाख्यान संक्षेपमें सुनाकर युधिष्ठिरके शोकनिवारणका प्रयत्न  »  श्लोक 63-64
 
 
श्लोक  12.29.63-64 
भगीरथं च राजानं मृतं सृंजय शुश्रुम।
यस्येन्द्रो वितते यज्ञे सोमं पीत्वा मदोत्कट:॥ ६३॥
असुराणां सहस्राणि बहूनि सुरसत्तम:।
अजयद् बाहुवीर्येण भगवान् पाकशासन:॥ ६४॥
 
 
अनुवाद
सृंजय! हमने सुना है कि राजा भगीरथ भी मृत्यु को प्राप्त हुए थे। जिनके विशाल यज्ञ में सोमपान के मद में चूर परमपिता देवराज इन्द्र ने अपने पराक्रम से हजारों असुरों को परास्त किया था।
 
'Srinjay! We have heard that King Bhagiratha also died in death. In whose elaborate yajna, the supreme Lord Pakshasan Indra, intoxicated by drinking Soma, defeated thousands of Asuras with his might.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)