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mahabharat 12.29.58: ‘श्री रामजी के राज्यकाल में सब वृक्ष बिना किसी बाधा के फल देते थे और सब गायें दो-दो लीटर दूध देती थीं।॥ 58॥   |   mahabharat अध्याय 12.29: श्रीकृष्णके द्वारा नारद-सृंजय-संवादके रूपमें सोलह राजाओंका उपाख्यान संक्षेपमें सुनाकर युधिष्ठिरके शोकनिवारणका प्रयत्न   ।   mahabharat पर्व 12: शान्ति पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
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श्लोक  12.29.58 
नित्यपुष्पफलाश्चैव पादपा निरुपद्रवा:।
सर्वा द्रोणदुघा गावो रामे राज्यं प्रशासति॥ ५८॥
 
 
अनुवाद
‘श्री रामजी के राज्यकाल में सब वृक्ष बिना किसी बाधा के फल देते थे और सब गायें दो-दो लीटर दूध देती थीं।॥ 58॥
 
‘During the reign of Shri Rama, all the trees bore fruit without any hindrance and all the cows gave two litres of milk each.॥ 58॥
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)