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mahabharat 12.29.53: बादल समय पर वर्षा करते थे और फसलों को अच्छी तरह फलते-फूलते थे - उन्हें बढ़ने और फलने-फूलने का अवसर देते थे। राम के राज्य में हमेशा अच्छी फसल होती थी (कभी अकाल नहीं पड़ता था)।   |   mahabharat अध्याय 12.29: श्रीकृष्णके द्वारा नारद-सृंजय-संवादके रूपमें सोलह राजाओंका उपाख्यान संक्षेपमें सुनाकर युधिष्ठिरके शोकनिवारणका प्रयत्न   ।   mahabharat पर्व 12: शान्ति पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
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श्लोक  12.29.53 
कालवर्षी च पर्जन्य: सस्यानि समपादयत्।
नित्यं सुभिक्षमेवासीद् रामे राज्यं प्रशासति॥ ५३॥
 
 
अनुवाद
बादल समय पर वर्षा करते थे और फसलों को अच्छी तरह फलते-फूलते थे - उन्हें बढ़ने और फलने-फूलने का अवसर देते थे। राम के राज्य में हमेशा अच्छी फसल होती थी (कभी अकाल नहीं पड़ता था)।
 
‘The clouds used to provide rain on time and make the crops flourish in a good way – giving them an opportunity to grow and flourish. During the reign of Ram, there was always good harvest (there was never a famine).
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)