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mahabharat 12.29.34-35h: उस यज्ञ में उन्होंने दक्षिणा में एक करोड़ गायें, स्वर्ण मालाओं से सुसज्जित बैल तथा हजारों सेवक दिये।   |   mahabharat अध्याय 12.29: श्रीकृष्णके द्वारा नारद-सृंजय-संवादके रूपमें सोलह राजाओंका उपाख्यान संक्षेपमें सुनाकर युधिष्ठिरके शोकनिवारणका प्रयत्न   ।   mahabharat पर्व 12: शान्ति पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्री महाभारत  »  पर्व 12: शान्ति पर्व  »  अध्याय 29: श्रीकृष्णके द्वारा नारद-सृंजय-संवादके रूपमें सोलह राजाओंका उपाख्यान संक्षेपमें सुनाकर युधिष्ठिरके शोकनिवारणका प्रयत्न  »  श्लोक 34-35h
 
 
श्लोक  12.29.34-35h 
शतं शतसहस्राणि वृषाणां हेममालिनाम्॥ ३४॥
गवां सहस्रानुचरं दक्षिणामत्यकालय।
 
 
अनुवाद
उस यज्ञ में उन्होंने दक्षिणा में एक करोड़ गायें, स्वर्ण मालाओं से सुसज्जित बैल तथा हजारों सेवक दिये।
 
'In that sacrifice he gave as dakshina one crore cows and bulls adorned with golden garlands and thousands of his servants.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)