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mahabharat 12.29.17-18h: उन पूर्व राजाओं के विषय में सुनने योग्य जो सुन्दर कथा है, वह बहुत अच्छी है, वह क्रूर ग्रहों को शान्त करने वाली है और आयु को बढ़ाने वाली है । 17 1/2॥   |   mahabharat अध्याय 12.29: श्रीकृष्णके द्वारा नारद-सृंजय-संवादके रूपमें सोलह राजाओंका उपाख्यान संक्षेपमें सुनाकर युधिष्ठिरके शोकनिवारणका प्रयत्न   ।   mahabharat पर्व 12: शान्ति पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्री महाभारत  »  पर्व 12: शान्ति पर्व  »  अध्याय 29: श्रीकृष्णके द्वारा नारद-सृंजय-संवादके रूपमें सोलह राजाओंका उपाख्यान संक्षेपमें सुनाकर युधिष्ठिरके शोकनिवारणका प्रयत्न  »  श्लोक 17-18h
 
 
श्लोक  12.29.17-18h 
क्रूरग्रहाभिशमनमायुर्वर्धनमुत्तमम्॥ १७॥
अग्रिमाणां क्षितिभुजामुपादानं मनोहरम्।
 
 
अनुवाद
उन पूर्व राजाओं के विषय में सुनने योग्य जो सुन्दर कथा है, वह बहुत अच्छी है, वह क्रूर ग्रहों को शान्त करने वाली है और आयु को बढ़ाने वाली है । 17 1/2॥
 
'The beautiful story worth listening to about those earlier kings is very good, it calms the cruel planets and increases the life span. 17 1/2॥
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)