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mahabharat 12.29.143: राजा पृथुने अश्वमेध नामक महायज्ञ में ब्राह्मणों को चार सौ फुट ऊँचे इक्कीस सुवर्णमय पर्वत दान किये थे ॥143॥   |   mahabharat अध्याय 12.29: श्रीकृष्णके द्वारा नारद-सृंजय-संवादके रूपमें सोलह राजाओंका उपाख्यान संक्षेपमें सुनाकर युधिष्ठिरके शोकनिवारणका प्रयत्न   ।   mahabharat पर्व 12: शान्ति पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
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श्लोक  12.29.143 
हैरण्यांस्त्रिनलोत्सेधान् पर्वतानेकविंशतिम्।
ब्राह्मणेभ्यो ददौ राजा योऽश्वमेधे महामखे॥ १४३॥
 
 
अनुवाद
राजा पृथुने अश्वमेध नामक महायज्ञ में ब्राह्मणों को चार सौ फुट ऊँचे इक्कीस सुवर्णमय पर्वत दान किये थे ॥143॥
 
‘King Prithune had donated twenty-one golden mountains, four hundred feet high, to the Brahmins in the great yagya called Ashwamedha. 143॥
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)