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श्लोक 12.29.135  |
खानयामास य: कोपात् पृथिवीं सागराङ्किताम्।
यस्य नाम्ना समुद्रश्च सागरत्वमुपागत:॥ १३५॥ |
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| अनुवाद |
| एक बार क्रोध में आकर उन्होंने समुद्र द्वारा चिन्हित सम्पूर्ण पृथ्वी को खोदवा दिया और उसी के नाम पर वह समुद्र 'सागर' कहलाया ॥135॥ |
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| ‘Once in a fit of rage he had the entire earth marked by the ocean dug up. The ocean came to be known as ‘Sagar’ after his name.॥ 135॥ |
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