Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 12.29.133-134: राजा ने पूर्णतः सोने का एक महल बनवाया, जिसमें सोने के खंभे थे, कमल के समान नेत्रों वाली सुन्दर स्त्रियों की शय्याएँ थीं, और उसे योग्य ब्राह्मणों को दान कर दिया। उन्हें नाना प्रकार की सुख-सुविधाएँ भी प्रचुर मात्रा में दीं। उसकी आज्ञा पाकर ब्राह्मणों ने उसका सारा धन आपस में बाँट लिया॥133-134॥ | mahabharat अध्याय 12.29: श्रीकृष्णके द्वारा नारद-सृंजय-संवादके रूपमें सोलह राजाओंका उपाख्यान संक्षेपमें सुनाकर युधिष्ठिरके शोकनिवारणका प्रयत्न । mahabharat पर्व 12: शान्ति पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
राजा ने पूर्णतः सोने का एक महल बनवाया, जिसमें सोने के खंभे थे, कमल के समान नेत्रों वाली सुन्दर स्त्रियों की शय्याएँ थीं, और उसे योग्य ब्राह्मणों को दान कर दिया। उन्हें नाना प्रकार की सुख-सुविधाएँ भी प्रचुर मात्रा में दीं। उसकी आज्ञा पाकर ब्राह्मणों ने उसका सारा धन आपस में बाँट लिया॥133-134॥
‘The king built a palace made entirely of gold, with golden pillars, and adorned with beds of beautiful women with eyes like lotus, and donated it to deserving Brahmins. He also gave them various kinds of luxuries in abundance. On his orders, the Brahmins divided all his wealth among themselves.॥ 133-134॥
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥