श्री महाभारत  »  पर्व 12: शान्ति पर्व  »  अध्याय 29: श्रीकृष्णके द्वारा नारद-सृंजय-संवादके रूपमें सोलह राजाओंका उपाख्यान संक्षेपमें सुनाकर युधिष्ठिरके शोकनिवारणका प्रयत्न  »  श्लोक 109
 
 
श्लोक  12.29.109 
एतद् धनमपर्यन्तमश्वमेधे महामखे।
शशबिन्दुर्महाराज ब्राह्मणेभ्य: समार्पयत्॥ १०९॥
 
 
अनुवाद
महाराज! राजा शशबिन्दु ने अश्वमेध नामक महान यज्ञ में ब्राह्मणों को यह विशाल धनराशि दान में दी थी।
 
‘Maharaj! King Shashabindu had donated this huge amount of money to the Brahmins in the great yagya called Ashwamedha.
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  हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥
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