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mahabharat 12.29.10: युद्ध में चमकने वाले सभी वीर योद्धा शत्रु का सामना करते हुए पराजित हुए हैं। उनमें से कोई भी पीठ में छुरा घोंपकर या भागते समय नहीं मारा गया।   |   mahabharat अध्याय 12.29: श्रीकृष्णके द्वारा नारद-सृंजय-संवादके रूपमें सोलह राजाओंका उपाख्यान संक्षेपमें सुनाकर युधिष्ठिरके शोकनिवारणका प्रयत्न   ।   mahabharat पर्व 12: शान्ति पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
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श्लोक  12.29.10 
सर्वेऽप्यभिमुखा: शूरा विजिता रणशोभिन:।
नैषां कश्चित् पृष्ठतो वा पलायन् वापि पातित:॥ १०॥
 
 
अनुवाद
युद्ध में चमकने वाले सभी वीर योद्धा शत्रु का सामना करते हुए पराजित हुए हैं। उनमें से कोई भी पीठ में छुरा घोंपकर या भागते समय नहीं मारा गया।
 
All those valiant warriors who shine in battle have been defeated while facing the enemy. None of them has been killed by being stabbed in the back or while fleeing.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)