Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 12.289.38: हे भरतश्रेष्ठ! हे पुत्र युधिष्ठिर! जैसा तुमने मुझसे पूछा था, मैंने तुम्हें भृगुपुत्र महाबली शुक्राचार्य की कथा सुनाई है। | mahabharat अध्याय 12.289: भृगुपुत्र उशनाका चरित्र और उन्हें शुक्र नामकी प्राप्ति । mahabharat पर्व 12: शान्ति पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
हे भरतश्रेष्ठ! हे पुत्र युधिष्ठिर! जैसा तुमने मुझसे पूछा था, मैंने तुम्हें भृगुपुत्र महाबली शुक्राचार्य की कथा सुनाई है।
O best of the Bharatas! My dear son Yudhishthira! I have narrated to you the story of the great Shukrachary, son of Bhrigu, as you had asked me.
इति श्रीमहाभारते शान्तिपर्वणि मोक्षधर्मपर्वणि भवभार्गवसमागमे एकोननवत्यधिकद्विशततमोऽध्याय:॥ २८९॥
इस प्रकार श्रीमहाभारत शान्तिपर्वके अन्तर्गत मोक्षधर्मपर्वमें महादेवजी और शुक्राचार्यका समागमविषयक दौ सौ नवासीवाँ अध्याय पूरा हुआ॥ २८९॥
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥