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देव्युवाच
हिंसनीयस्त्वया नैव मम पुत्रत्वमागत:।
न हि देवोदरात् कश्चिन्नि:सृतो नाशमृच्छति॥ ३५॥
अनुवाद
देवी पार्वती बोलीं - हे प्रभु! अब यह शुक्र मेरा पुत्र हो गया है; अतः आप इसका नाश न करें। हे प्रभु! आपके गर्भ से उत्पन्न कोई भी पुरुष नष्ट नहीं हो सकता।
Goddess Parvati said—O Lord! Now this Shukra has become my son; hence you should not destroy him. O Lord! No man who has come out of your womb can be destroyed.
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥