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mahabharat 12.288.42: हजारों शक्तिशाली राजा इस पृथ्वी को छोड़कर मृत्यु के चंगुल में फँस गए हैं। ऐसा जानकर मनुष्य मुक्त हो जाता है॥ 42॥   |   mahabharat अध्याय 12.288: अरिष्टनेमिका राजा सगरको वैराग्योत्पादक मोक्षविषयक उपदेश   ।   mahabharat पर्व 12: शान्ति पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्री महाभारत  »  पर्व 12: शान्ति पर्व  »  अध्याय 288: अरिष्टनेमिका राजा सगरको वैराग्योत्पादक मोक्षविषयक उपदेश  »  श्लोक 42
 
 
श्लोक  12.288.42 
प्रभावैरन्वितास्तैस्तै: पार्थिवेन्द्रा: सहस्रश:।
ये गता: पृथिवीं त्यक्त्वा इति ज्ञात्वा विमुच्यते॥ ४२॥
 
 
अनुवाद
हजारों शक्तिशाली राजा इस पृथ्वी को छोड़कर मृत्यु के चंगुल में फँस गए हैं। ऐसा जानकर मनुष्य मुक्त हो जाता है॥ 42॥
 
Thousands of powerful kings have left this earth and fallen prey to the clutches of death. A man becomes liberated after knowing this.॥ 42॥
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)