Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 12.288.39: ‘बुढ़ापा आने पर शरीर में झुर्रियाँ पड़ जाती हैं। सिर के बाल सफेद हो जाते हैं। शरीर दुबला-पतला और पीला पड़ जाता है तथा पीठ झुक जाने के कारण व्यक्ति कुबड़ा हो जाता है। जो इन सब बातों पर सदैव ध्यान रखता है, वह मुक्त हो जाता है।’॥39॥ | mahabharat अध्याय 12.288: अरिष्टनेमिका राजा सगरको वैराग्योत्पादक मोक्षविषयक उपदेश । mahabharat पर्व 12: शान्ति पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
वलीपलितसंयोगे कार्श्यं वैवर्ण्यमेव च।
कुब्जभावं च जरया य: पश्यति स मुच्यते॥ ३९॥
अनुवाद
‘बुढ़ापा आने पर शरीर में झुर्रियाँ पड़ जाती हैं। सिर के बाल सफेद हो जाते हैं। शरीर दुबला-पतला और पीला पड़ जाता है तथा पीठ झुक जाने के कारण व्यक्ति कुबड़ा हो जाता है। जो इन सब बातों पर सदैव ध्यान रखता है, वह मुक्त हो जाता है।’॥39॥
‘When old age comes, wrinkles appear in the body. The hair on the head turns white. The body becomes thin and pale and due to the bending of the back, the person becomes hunchbacked. He who always keeps an eye on all these things, becomes free.'॥ 39॥
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥