Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 12.288.18: संसार के सभी प्राणी अपने कर्मों के फल से सुरक्षित होकर पृथ्वी पर घूमते हैं और अपने प्रारब्ध के अनुसार विधाता द्वारा निर्धारित भोजन ग्रहण करते हैं। ॥18॥ | mahabharat अध्याय 12.288: अरिष्टनेमिका राजा सगरको वैराग्योत्पादक मोक्षविषयक उपदेश । mahabharat पर्व 12: शान्ति पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
संसार के सभी प्राणी अपने कर्मों के फल से सुरक्षित होकर पृथ्वी पर घूमते हैं और अपने प्रारब्ध के अनुसार विधाता द्वारा निर्धारित भोजन ग्रहण करते हैं। ॥18॥
"All beings in the world, protected by the consequences of their deeds, run around the earth and receive the food that the Creator has ordained for them according to their destiny." ॥18॥
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥