श्री महाभारत  »  पर्व 12: शान्ति पर्व  »  अध्याय 287: नारदजीका गालव मुनिको श्रेयका उपदेश  »  श्लोक 6
 
 
श्लोक  12.287.6 
भवानेवंविधोऽस्माकं संशयं छेत्तुमर्हति।
अमूढश्चिरमूढानां लोकतत्त्वमजानताम्॥ ६॥
 
 
अनुवाद
आप जैसे सर्वगुण संपन्न ज्ञानी संत ही हम जैसे मनुष्यों के संदेहों का समाधान कर सकते हैं, जो बहुत समय से सांसारिक विषयों से अज्ञानी और शून्य हैं॥6॥
 
'Only a wise saint like you, endowed with all virtues, can resolve the doubts of people like us who have been ignorant and void of knowledge of worldly matters for a long time.॥ 6॥
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)