Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 12.287.34: इसी कारण कल्याण की इच्छा रखने वाले महात्मा लोग नाना प्रकार के शास्त्रों का अध्ययन करके नाना प्रकार की बुद्धि (श्रेष्ठ बुद्धि) प्राप्त करते हैं। मैं अनुभव करता हूँ कि बुद्धि का लाभ ही सब प्राणियों के लिए सर्वोत्तम है। | mahabharat अध्याय 12.287: नारदजीका गालव मुनिको श्रेयका उपदेश । mahabharat पर्व 12: शान्ति पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
इसी कारण कल्याण की इच्छा रखने वाले महात्मा लोग नाना प्रकार के शास्त्रों का अध्ययन करके नाना प्रकार की बुद्धि (श्रेष्ठ बुद्धि) प्राप्त करते हैं। मैं अनुभव करता हूँ कि बुद्धि का लाभ ही सब प्राणियों के लिए सर्वोत्तम है।
For this reason, the saints who desire welfare, study various types of wisdom (superior intelligence) by studying various scriptures. I feel that the benefit of wisdom is the best for all beings.
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥