Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 12.287.12: नारदजी बोले - तात! चार आश्रम हैं और शास्त्रों में उनकी अलग-अलग व्यवस्था की गई है। गालव! तुम ज्ञान का आश्रय लेकर उन सबको यथार्थ रूप से जान लो। 12॥ | mahabharat अध्याय 12.287: नारदजीका गालव मुनिको श्रेयका उपदेश । mahabharat पर्व 12: शान्ति पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
नारदजी बोले - तात! चार आश्रम हैं और शास्त्रों में उनकी अलग-अलग व्यवस्था की गई है। गालव! तुम ज्ञान का आश्रय लेकर उन सबको यथार्थ रूप से जान लो। 12॥
Naradji said – Tat! There are four Ashrams and they have been arranged separately in the scriptures. Galav! You take the help of knowledge and know them all in reality. 12॥
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥