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भीष्म उवाच
अत्राप्युदाहरन्तीममितिहासं पुरातनम्।
नारदस्य च संवादं समङ्गस्य च भारत॥ २॥
अनुवाद
भीष्मजी बोले - भरतनन्दन! इस विषय में विद्वान पुरुष देवर्षि नारद और समंग के संवाद रूपी प्राचीन इतिहास का उदाहरण देते हैं॥2॥
Bhishmaji said – Bharatnandan! In this matter, learned men give the example of ancient history in the form of dialogue between Devarshi Narad and Samang. 2॥
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥