Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 12.285.32: इस प्रकार यहाँ बुद्धि की समस्त अवस्थाओं का वर्णन किया गया है। इन सबको जानकर ही मनुष्य ज्ञानी बनता है। इसके अतिरिक्त ज्ञानी पुरुष का और क्या लक्षण हो सकता है?॥ 32॥ | mahabharat अध्याय 12.285: अध्यात्मज्ञानका और उसके फलका वर्णन । mahabharat पर्व 12: शान्ति पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
इस प्रकार यहाँ बुद्धि की समस्त अवस्थाओं का वर्णन किया गया है। इन सबको जानकर ही मनुष्य ज्ञानी बनता है। इसके अतिरिक्त ज्ञानी पुरुष का और क्या लक्षण हो सकता है?॥ 32॥
In this way, all the states of intelligence have been explained here. By knowing all this, a man becomes a wise man. Apart from this, what else can be the characteristic of a wise man?॥ 32॥
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥