Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7
mahabharat 12.285.1: युधिष्ठिर ने पूछा, "पितामह! शास्त्रों में मनुष्य के लिए जो आध्यात्मिक तत्त्व बताया गया है, वह क्या है और उसकी उत्पत्ति कहाँ से हुई है? कृपया मुझे यह बताइए।" ॥1॥   |   mahabharat अध्याय 12.285: अध्यात्मज्ञानका और उसके फलका वर्णन   ।   mahabharat पर्व 12: शान्ति पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्री महाभारत  »  पर्व 12: शान्ति पर्व  »  अध्याय 285: अध्यात्मज्ञानका और उसके फलका वर्णन  »  श्लोक 1
 
 
श्लोक  12.285.1 
युधिष्ठिर उवाच
अध्यात्मं नाम यदिदं पुरुषस्येह विद्यते।
यदध्यात्मं यतश्चैव तन्मे ब्रूहि पितामह॥ १॥
 
 
अनुवाद
युधिष्ठिर ने पूछा, "पितामह! शास्त्रों में मनुष्य के लिए जो आध्यात्मिक तत्त्व बताया गया है, वह क्या है और उसकी उत्पत्ति कहाँ से हुई है? कृपया मुझे यह बताइए।" ॥1॥
 
Yudhishthira asked, "Grandfather! What is the spiritual principle described in the scriptures for a man and where did it originate from? Please tell me this." ॥1॥
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)