आज मैं उन महादेवजी की शरण लेता हूँ जो सम्पूर्ण जगत के अधिष्ठाता, पालक, महान् आत्मा, अनादि, नित्य, अपरिवर्तनशील और पूज्य परमेश्वर हैं॥57॥
'Today I take refuge in that Mahadevji who is the ruler, guardian, great soul, eternal, eternal, unchangeable and worshipable God of the entire world.' 57॥
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥